वैदिक धर्म परिचय प्रश्नोत्तरी - भाग 5 : संस्कृत भाषा
संस्कृत यह एक संपूर्णत: शास्त्रोक्त भाषा है। संस्कृत यह ब्रह्मांड की भाषा है । संस्कृत यह एक नैसर्गिक भाषा है। संस्कृत एक सनातन एवं पूरातन भाषा है । संस्कृत यह स्वरमय एवं संगीतमय भाषा है। संस्कृत भाषा मे भाव, उच्चारण एवं भौतिक प्रकटीकरण एकजैसा एवं संपूर्ण होता है। संस्कृत भाषा को सही उच्चारण के साथ बोलने के लिए आपके सातो चक्रों का उपयोग होता है, इसलिए आपके सातों ऊर्जा चक्र जागृत होने मे और संतुलित होने में मदत मिलती है और चैतन्य ऊर्जा का प्रवाह आपके सहस्त्रार चक्र की ओर अग्रेसर होने में मदत मिलती है, इस कारण आपको परम् आनंद की अनुभूति होती है। संस्कृत यह इंडो- युरोपीयन प्रकार मे आने वाली भाषा है। युरोपीयन देश - जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, पोर्तुगाल, इटली, ईत्यादी ५६ देशों के भाषा का मूल आधार संस्कृत है।