हिंदू धर्म विज्ञान प्रश्नोत्तरी - भाग 2 : काल गणना
Questionnaire on the Science in Hindu Religion - Part 2 :
Measurement of Time
हिंदू धर्म के अनुसार काल गणना
हिंदू घर्मानुसार काल गणना
Measurement of Time as per Hindu Religion
हिंदू धर्म के अनुसार पृथ्वी की उत्पत्ती कब हुई है ?
हिंदू धर्मानुसार पृथ्वीची उत्पत्ती कधी झाली आहे ?
As per Hindu Religion when Earth came into existence ?
हिंदू धर्म के अनुसार पृथ्वी 196 करोड वर्ष पहले अस्तित्व मे आई है।
हिंदू धर्मानुसार पृथ्वी 196 कोटी वर्षा पूर्वी अस्तित्वात आली आहे.
As per the Hindu Religion 196 Crore years ago Earth came into existence.
हिंदू धर्म के अनुसार कितने युग है ?
हिंदू धर्मानुसार किती युग आहेत ?
How many Earas as per Hindu Religion ?
हिंदू धर्म के अनुसार चार युग है।
हिंदू धर्मानुसार चार युग आहेत.
There are Four Earas ( Yugaa ) as per Hindu Religion.
हिंदू धर्म के अनुसार चार युगों के नाम बताईए ।
हिंदू धर्मानुसार चार युगांची नावे सांगा.
Give the Names of Four Earas ( Yugaa ) as per Hindu Religion.
सत् युग / सत् युग / Sat Yuga
त्रेता युग / त्रेता युग / Treta Yuga
द्वापर युग / द्वापर युग / Dwapar Yuga
कलियुग / कलियुग / Kali Yuga
प्रत्येक युग का कालखंड बताईए ।
प्रत्येक युगाचा कालखंड सांगा.
What is the Period of Each Yuga ?
सत् युग / सत् युग / Sat Yuga
१७ लाख २८ हजार वर्ष
त्रेता युग / त्रेता युग / Treta Yuga
१२ लाख ९६ हजार वर्ष
द्वापर युग / द्वापर युग / Dwapar Yuga
८ लाख ६४ हजार वर्ष
कलियुग / कलियुग / Kali Yuga
४ लक्ष ३२ हजार
हिंदू धर्म के अनुसार अभी चल रहे कलियुग का कितवा वर्ष चल रहा है ?
हिंदू धर्मानुसार सद्या सुरू असलेल्या कलियुगाचे कितवे वर्ष सुरू आहे ?
As per Hindu Religion, which year of Kaliyuga is going on ?
कलियुग का 5,124 वा साल अभी चल रहा है। ( कलियुगाब्द - 5,124 )
सद्या कलियुगाचे 5,124 वे वर्ष सुरू आहे।
As per Hindu Religion, Presently 5,124 th year of kaliyuga is going on.
विक्रम संवत - 2077
हिंदू धर्म के काल गणना के एकक बताईए ।
हिंदू धर्माच्या काल गणनेची एकके सांगा.
What are the Units of Time measurements in Hindu Religion ?
1 ब्रह्म वर्ष = 360 ब्रह्म दिवस
1 ब्रह्म दिवस = 2 कल्प
1 कल्प = 1000 चतुर्युग
1 चतुर्युग = 12,000 संवत्सर ( 43,20,000 वर्ष )
( सत् युग : 17 लाख 28 हजार वर्ष + त्रेता युग : 12 लाख 96 हजार वर्ष + द्वापर युग 8 लाख 64 हजार वर्ष + कलियुग : 4 लाख 32 हजार वर्ष = 43 लाख 20 हजार वर्ष )
1 संवत्सर = 360 वर्ष
1 वर्ष = 12 माह
1 माह = 28 ते 30 दिवस
1 दिवस ( अहोरात्र ) = 24 घंटा/ तास x 60 मिनिट = 1440 मिनिट,
1 प्रहर - 1440 मिनिट / 8 = 180 मिनिट ( 3 घंटा/तास ),
1 मूहुर्त - 1440 / 30 = 48 मिनिट
1 घटी - 48 मिनिट / २ = 24 मिनिट = 30 कला
1 कला - 24 मि. X 60 सेकंद = 1440 सेकंद / 30 = 48 सेकंद = 30 काष्ठ
1 काष्ठ - 48 सेकंद / 30 = 1.6 सेकंद = 18 निमेष
1 निमेष - 1.6 x 60 = 96 मिली सेकंद / 18 = 5.33 मिली सेकंद = 30 तत्पर
1 तत्पर - 5.33 मिली सेकंद = 100 तृट्या
1 तृटी - 5.33. मिली सेकंद / 100 = .0533 मिली सेकंद
हिंदू धर्म के अनुसार दिन के कितने प्रहर होते है ?
हिंदू धर्मानुसार हिंदू धर्माचे किती प्रहर होतात ?
There are how many Tri-Hours ( Prahars ) as per the Hindu Religion ?
हिंदू धर्म के अनुसार दिन के आठ प्रहर होते है ।
हिंदू धर्मानुसार दिवसाचे आठ प्रहर होतात.
There are Eight Tri-Hours ( Prahars ) as per Hindu Religion.
हिंदू धर्म के अनुसार दिन के प्रहरों के नाम और काल बताईए ।
हिंदू धर्मानुसार दिवसाच्या प्रहरांची नावे आणि कालावधी सांगा.
Tale the Names and Duration of the Tri-Hours ( Prahars ) as per Hindu Religion.
प्रथम प्रहर - ब्रह्म मुहूर्त / First Tri-Hour - Early Morning - Brahma Muhurta : 03 - 06
द्वितीय प्रहर - सुबह / Second Tri-Hour - Morning : 06 - 09
तृतीय प्रहर - / Third Tri-Hour - Before Noon : 09 - 12
चतुर्थ प्रहर - दोपहर / दुपार / Fourth Tri-Hour - After Noon : 12 - 15.
पंचम् प्रहर - / Fifth Tri-Hour : 15 - 18.
षष्ठं प्रहर - / Sixth Tri-Hour : 18 - 21.
सप्तं प्रहर - रात्री का प्रथम प्रहर / Seventh Tri-Hour - First half of Night : 21 - 24.
अष्टं प्रहर - मध्य रात्री / Eighth Tri-Hour - Mid Night : 24 - 03.
हिंदू धर्म के अनुसार 12 राशीया ( Horoscope ) क्या होती है ?
हिंदू धर्म के अनुसार सूर्य की प्रदक्षिणा करने के अंडाकार मार्ग को 360 अंशो मे ( भागो मे ) विभाजित कर, उसे 12 भागो मे विभाजित किया जाता है। इन 12 भागो को 12 राशी कहा गया है। पृथ्वी के सूर्य प्रदक्षिणा के इन 12 भागो मे रात्री के समय आकाश मे दिखाई देनेवाले प्रमुख तारों द्वारा जो आकृती बनती है, उस आधार पर इन 12 भागों को 12 राशी के नाम दिए गए है ।
हिंदू धर्म के अनुसार बारा राशीयों का नाम बताईए ।
१. मेष, २. वृषभ, ३. मिथुन, ४. कर्क, ५. सिंह, ६. कन्या, ७. तुला, ८. वृश्चिक, ९. धनू, १०. मकर, ११. कुंभ, १२. मीन
हिंदू धर्म के माह, उनका कालावधी और राशी बताईए ।
हिंदू धर्माचे महिने, त्यांचा कालावधी आणि राशी सांगा.
Give the Names, Duration & its Horoscope of Hindu Religion.
१. चैत्र -
२५ मार्च से ५ अप्रेल के दरम्यान प्रारंभ
राशी : मेष - नक्षत्र :
२. वैशाख -
२४ अप्रैल से ५ मई के दरम्यान प्रारंभ
राशी : वृषभ - नक्षत्र : कृतिका, रोहिणी,
३. जेष्ठ -
२३ मई से ५ जून दरम्यान प्रारंभ
२१ जून सबसे बडा दिन - आंतर राष्ट्रीय योग दिन
राशी : मिथुन - नक्षत्र : मृग (७ जून को प्रारंभ),
४. आषाढ -
२२ जून से ५ जुलै दरम्यान प्रारंभ
राशी : कर्क
५. श्रावण -
२१ जुलै से ५ ॲागस्ट के दरम्यान प्रारंभ
राशी : सिंह
६. भाद्रपद -
१९ ॲागस्ट से १० सप्टेंबर के दरम्यान प्रारंभ
राशी : कन्या
७. अश्विन -
१८ सप्टेंबर से १० नोव्हेंबर के दरम्यान प्रारंभ
राशी : तुला
८. कार्तिक -
१६ नोव्हेंबर से १२ डिसेंबर के दरम्यान प्रारंभ
राशी : वृश्चिक
९. मार्गशीर्ष -
१५ डिसेंबर से १२ जानेवारी के दरम्यान प्रारंभ
राशी : धनू
१०. पौष -
१४ जनवरी से १२ फेब्रुवारी के दरम्यान प्रारंभ
राशी : मकर
११. माघ -
१२ फेब्रुवारी से ५ मार्च के दरम्यान प्रारंभ
राशी : कुंभ
१२. फाल्गुन -
५ मार्च से १५ मार्च दरम्यान के दरम्यान प्रारंभ
राशी : मीन
हिंदू धर्म के अनुसार पृथ्वी द्वारा सूर्य की प्रदक्षिणा की दिशा और प्रदक्षिणा के साथ पृथ्वी से आकाश मे दिखनेवाले तारोंकी संरचना (नक्षत्र) और हिंदू / वैदिक माह इनको दर्शक प्रतिकृती बनाए।
पृथ्वी द्वारा सूर्य प्रदक्षिणा, वैदिक महिने, राशी एवं त्रिदोष प्रकोप दर्शक घडी -
आकाश मीन - वात आकाश
फाल्गुन
पृथ्वी १९ मार्च. ^
मेष - वातपित्त ⇐=== कुंभ - वात
चैत्र - ४ अप्रेल पृथ्वी २१ जानेवारी - माघ ^
वृषभ - पित्त पृथ्वी पृथ्वी मकर
वैशाख - ३ मई २४ डिसेंबर- पौष वात
पृथ्वी पृथ्वी ^
मिथुन ज्येष्ठ - २ जून सूर्य ^ २५ नोव्हेंबर - मार्गशीर्ष - धनू
पित्त पृथ्वी पृथ्वी वात
आषाढ - १ जुलै २७ ॲाक्टो - कार्तिक. ^
कर्क. पृथ्वी पृथ्वी वृश्चिक
कफ > ^. पित्त वात
श्रावण - ३० जुलै पृथ्वी २८ सप्टेंबर - अश्विन. ^
सिंह. तुला - पित्त कफ
कफ ====>
२९ ॲागस्ट
आकाश भाद्रपद आकाश
कन्या - कफ
हिंदू ज्योतिष्य शास्त्र के अनुसार पृथ्वी का सूर्य की एक प्रदक्षिणा करने का पथ कितने किलो मिटर का है और उसे पृथ्वी की गती से कितने दिनो मे पूरा करती है ?
सौर वर्ष एवं पृथ्वी का सूर्य के सभोवताल घूमने की परिभ्रमण गती …
पृथ्वी का सूर्य को प्रदक्षिणा करने का मार्ग 94.20 कोटी किलो मिटर का है और उसे पूरा करने के लिए पृथ्वी 30 किलो मिटर प्रति सेकंद ( 1.07 लाख कि. मी. प्रती तास ) की गती से 365.25 दिन लगते है। इसे ही एक सौर वर्ष कहते है।
सूर्य से पृथ्वी का अंतर कितना है ?
पृथ्वी के सूर्य को चक्कर लगाने के परीघ की त्रिज्जा radius कितने किलो मिटर की है ?
14.8 Cr km - 15 Cr km
AU - Astronomical Unit is the mean of above 14.9 Cr km.
हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह किस दिशा मे घुमते है ?
Anti-clockwise ( पश्चिम से पूरब की ओर )
पृथ्वी का परीघ ( Circumference ) कितने किलो मिटर का है ?
40,075 km
पृथ्वी को खुद का एक चक्कर लगाने के लिए कितना समय लगता है और पृथ्वी यह चक्कर किस गती से लगाती है ?
पृथ्वी को खुद का एक चक्कर लगाने के लिए 23 घंटे, 56 मिनीट और 4.09053 सेकंद इतना समय लगता है और पृथ्वी यह चक्कर 460 मिटर प्रति सेकंद इस गती से लगाती है। (1670 km/ h at equator.)
क्या पृथ्वी की सूर्य के सभोवताल घूमने की परिभ्रमण गती समान होती है ?
नही, पृथ्वी की परिभ्रमण गती समान नही होती है, जब जनवरी माह मे पृथ्वी सुर्य के नजदीक होती है तब परिभ्रमण गती कम होती है और जब जून माह मे पृथ्वी सुर्य से दूर होती है तब जादा होती है।
हिंदू ज्योतिष्य शास्त्र के अनुसार चंद्र को पृथ्वी की एक प्रदक्षिणा करने के लिए कितना समय लगता है ?
चंद्र को पृथ्वी की एक प्रदक्षिणा करने के लिए 29.5 दिन लगते है। इस समय को एक चंद्र माह कहा जाता है। ( एक पौर्णिमा से दूसरे पौर्णिमा तक का समय ) वास्तव मे चंद्र को पृथ्वी की प्रदक्षिणा करने के लिए 27.322 दिन लगते है और उतनाही समय स्वयं के परिवलन को भी लगता है। इस कारण ही चंद्र का केवल एक ही भाग हमे पृथ्वी से हरदम दिखाई देता है। चंद्र को पृथ्वी की प्रदक्षिणा पूरी करने के लिए जो 2.178 दिन का अतिरिक्त समय लगता है वह पृथ्वी का सूर्य की प्रदक्षिणा मे जो अतिरिक्त अंतर काटा जाता है उस कारण लगता है।
एक चंद्र वर्ष के कितने दिन होते है ?
एक चंद्र वर्ष के दिन (29.5 दिवस x 12 महिने) 354 दिवस
हिंदू ज्योतिष्य शास्त्र मे काल गणना सौर वर्ष के अनुसार की जाती है या चंद्र वर्ष के अनुसार की जाती है ?
हिंदू ज्योतिष्य शास्त्र मे काल गणना यह, चंद्र वर्ष और सौर वर्ष दोनो के अनुसार की जाती है। सर्व प्रथम काल गणना यह चंद्र वर्ष के अनुसार की जाती है और इस काल गणना मे प्रति सौर वर्ष की तुलना मे ११ दिन कम होते है। प्रती सौर वर्ष मे कम गिरते ११ दिनो की पूर्ती करने के लिए हर तीन वर्ष के बाद चंद्र वर्ष मे एक चंद्र मास अधिक मास कह कर जोड दिया जाता है।
हिंदू ज्योतिष्य शास्त्र मे राशी, नक्षत्र और चरण क्या होता है ?
राशी :- पृथ्वी द्वारा सूर्य की प्रदक्षिणा करने के अंडाकार मार्ग को 360 अंशो मे ( भागो मे ) विभाजित कर, उसे 12 भागो मे विभाजित किया जाता है। इन 12 भागो को 12 राशी कहा गया है।
360/12 = 30 अंश ( भाग )
नक्षत्र :- पृथ्वी द्वारा सूर्य की प्रदक्षिणा करने के अंडाकार मार्ग को 360 अंशो मे ( भागो मे ) विभाजित कर, उसे 27 भागो मे विभाजित किया जाता है। इन 27 भागो को 27 नक्षत्र कहा गया है।
360/27 = 13.33 अंश ( भाग ) = 13 अंश 20 कला ( मिनीट )
चरण :- पृथ्वी द्वारा सूर्य की प्रदक्षिणा करने के अंडाकार मार्ग को 360 अंशो मे ( भागो मे ) विभाजित कर, उसे 108 भागो मे विभाजित किया जाता है। इन 108 भागो को 108 चरण कहा गया है।
360/108 = 3.33 अंश ( भाग ) = 3 अंश आणि 20 कला ( मिनीट )